Rashtriya Seva Johar / Mon, Mar 16, 2026 / Post views : 53
रायपुर।
सामाजिक परिवर्तन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ. अनिल जयहिंद ने उपस्थित साथियों को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय, समान अधिकार और बहुजन समाज की एकता पर जोर दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महान समाज सुधारक कांशी राम के विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उनके संघर्ष और विचारधारा ने वंचित, पिछड़े और बहुजन समाज को अपने अधिकारों के लिए संगठित होने की प्रेरणा दी है।
डॉ. जयहिंद ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन केवल नारों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज में जागरूकता, शिक्षा और मजबूत संगठन की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि मान्यवर कांशीराम जी के सपनों को साकार करने के लिए सामाजिक न्याय, समान अवसर और संविधान के मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लें।
डॉ. जयहिंद ने कहा कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकार नहीं पहुंचते, तब तक सामाजिक परिवर्तन का लक्ष्य अधूरा रहेगा। इसलिए सभी को मिलकर एक समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना होगा।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी सामाजिक न्याय और बहुजन समाज की आवाज को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
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