Admin / Thu, Feb 26, 2026 / Post views : 41
रांची. झारखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर इस बार बहुत ही मजबूत योजना तैयार की गई है और इस बार के बजट में सारे प्लान पर चर्चा भी की गई है. पथ निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बड़ी योजना तैयार की है. सड़कें केवल आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति, सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मजबूत माध्यम होती हैं. ऐसे में आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आपको झारखंड में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.
इन क्षेत्रों में होगा काम
• सड़क और रेल मार्ग के बीच होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा लेवल क्रॉसिंग समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. इस दिशा में पथ निर्माण विभाग और रेल मंत्रालय के बीच तालमेल बनाकर विभिन्न स्थानों पर रोड ओवरब्रिज निर्माण की योजना बनाई गई है.
• राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई पुराने और क्षतिग्रस्त पुल यातायात में बाधा बन रहे हैं. इन्हें ‘बॉटल नेक’ के रूप में चिन्हित किया गया है. ऐसे पुलों को हटाकर उनकी जगह नए, आधुनिक और बेहतर स्तर के पुलों का निर्माण किया जाएगा.
• पथ निर्माण विभाग ने सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आइआरक्यूपी (इंप्रूवमेंट ऑफ राइडिंग क्वालिटी प्रोग्राम) लागू करने का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत क्षतिग्रस्त और जर्जर सड़कों की मरम्मत कर उन्हें बेहतर बनाया जाएगा. जिससे एक्सीडेंट और दुर्घटना की संभावना कम हो सके.
• वित्तीय वर्ष 2026-27 में पथ निर्माण विभाग ने पथ घनत्व को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने का लक्ष्य तय किया है. इसके तहत 785 किलोमीटर सड़कों के विकास का प्रस्ताव है. साथ ही, पहले से निर्मित 1,200 किलोमीटर सड़कों की निगरानी और उनकी गुणवत्ता सुधार पर भी काम किया जाएगा.
• इसके अलावा 35 उच्चस्तरीय फ्लाईओवर और रोड ओवरब्रिज के निर्माण की भी योजना है, जो राज्य की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देंगे. इन सभी योजनाओं को लागू करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में पथ निर्माण विभाग के लिए 6,601 करोड़ 28 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है.
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