Admin / Thu, Feb 26, 2026 / Post views : 36
सुपर 8 के पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका से मिली 76 रन की हार के बाद टीम इंडिया का सेमीफाइनल का रास्ता कठिन हो गया है. वजह साफ है. इतना बड़ा अंतर सीधे नेट रन रेट को नीचे खींच देता है, और सुपर 8 जैसे छोटे स्टेज में यही NRR कई बार क्वालिफिकेशन का सबसे बड़ा फैक्टर बन जाता है. अब भारत को अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने ही होंगे, लेकिन साथ में बड़ी जीत भी दर्ज करनी होगी, ताकि NRR की भरपाई हो सके.
गुरुवार, 26 फरवरी को भारत और जिम्बाब्वे आमने-सामने होंगे. यह मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन भारत के लिए “करो या मरो” जैसा बन गया है, क्योंकि छोटी जीत से नुकसान की भरपाई नहीं होने वाली. दिए गए गणित के मुताबिक मौजूदा हालात में 30-40 रन की जीत से भारत को वो फायदा नहीं मिलेगा, जिसकी जरूरत है.
अब सवाल है, जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत को कितने रन से हराना होगा? टॉस पर किसी का कंट्रोल नहीं होता, इसलिए दोनो सिचुएशन समझना जरूरी है.
अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है और स्कोर 190 से ऊपर पहुंचा देता है, तो फिर गेंदबाजों को जिम्बाब्वे को 130 रन के अंदर समेटना होगा. इस केस में भारत की जीत का मार्जिन 60+ रन होना चाहिए. हालांकि स्टोरी में साफ कहा गया है कि 80 या उससे ज्यादा रन की जीत सबसे बेहतर मानी जाएगी, क्योंकि उससे NRR पर ज्यादा पॉजिटिव असर आएगा.
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