Simran Mallick / Sat, Aug 22, 2026 / Post views : 2
नई दिल्ली: PM-AASHA Scheme: किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और उन्हें मजबूरी में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर फसल बेचने से बचाने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय को बेहतर समर्थन देना और कृषि उत्पादों की कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना है।
केंद्र सरकार ने सितंबर 2018 में पीएम-आशा योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत अलग-अलग मूल्य समर्थन व्यवस्थाओं को एक व्यापक ढांचे में शामिल किया गया है। फसल और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार इन व्यवस्थाओं को लागू किया जाता है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
योजना का एक प्रमुख उद्देश्य किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचने की स्थिति से बचाना है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक कृषि उत्पादों की कीमतों में स्थिरता बनाए रखने पर भी जोर दिया जाता है।
पीएम-आशा के तहत दालों, तिलहन और खोपरा जैसी फसलों की खरीद की व्यवस्था की जाती है। केंद्र और राज्य सरकारें इस प्रक्रिया में विभिन्न केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से भूमिका निभाती हैं।
खरीद की प्रक्रिया बाजार में फसल आने से पहले तैयार की जाती है, ताकि संबंधित फसलों के विपणन सत्र के दौरान खरीद व्यवस्था समय पर शुरू की जा सके।
पीएम-आशा के तहत खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-नाम, ई-समृद्धि और ई-संयुक्ति जैसी व्यवस्थाएं किसानों और खरीद प्रक्रिया के बीच बेहतर समन्वय बनाने में मदद करती हैं।
इन डिजिटल व्यवस्थाओं का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और किसानों तक योजना का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाना है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पीएम-आशा योजना के लिए ₹7,200 करोड़ का बजट आवंटन किया गया है। इससे मूल्य समर्थन और खरीद व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कृषि उपज के बाजार भाव में उतार-चढ़ाव किसानों के लिए बड़ी चुनौती हो सकता है। कई बार बाजार में कीमत MSP से नीचे जाने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे समय में मूल्य समर्थन और सरकारी खरीद व्यवस्था किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने में मदद कर सकती है।
PM-AASHA का मकसद सिर्फ खरीद करना नहीं, बल्कि किसानों को बेहतर मूल्य सुरक्षा देना, कृषि बाजार में स्थिरता लाना और उपभोक्ताओं के हितों को संतुलित करना भी है।
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