Simran Mallick / Thu, Aug 20, 2026 / Post views : 13
रायपुर: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। संतान सुख, परिवार की खुशहाली और भगवान विष्णु की कृपा की कामना के लिए श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2026 में पुत्रदा एकादशी का व्रत रविवार, 23 अगस्त को रखा जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और बाल गोपाल की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। पति-पत्नी द्वारा साथ मिलकर पूजा और व्रत करने की भी परंपरा है।
पुत्रदा एकादशी पर संतान सुख और बच्चों की मंगलकामना के लिए संतान गोपाल मंत्र का जाप करने की परंपरा है।
मंत्र:
“ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥”
पूजा के दौरान भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप के सामने घी का दीपक जलाकर श्रद्धा से मंत्र का जाप किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंत्र स्मरण से मन को शांति और सकारात्मकता मिलती है।
पुत्रदा एकादशी की पूजा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का ध्यान करना भी शुभ माना जाता है। पति-पत्नी शांत मन से भगवान बाल गोपाल का ध्यान कर पूजा कर सकते हैं।
इस दिन संतान गोपाल मंत्र के साथ गोपाल सहस्रनाम और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने की भी परंपरा है। पूजा में भगवान विष्णु और बाल गोपाल को तुलसी दल अर्पित करें। माखन-मिश्री का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया जा सकता है।
पूजा के बाद जरूरतमंदों को भोजन कराने और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा देने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रद्धा से किया गया दान-पुण्य परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। पूजा-व्रत के स्थानीय मुहूर्त और नियमों के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग या विद्वान से पुष्टि करें।
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