Simran Mallick / Wed, Aug 19, 2026 / Post views : 35
पश्चिम बंगाल: अगर आपके दिन की शुरुआत चाय और ब्रेड से होती है, तो अब इसके लिए जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी। पश्चिम बंगाल में ब्रेड की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। ब्रेड एसोसिएशन ने बढ़ती उत्पादन लागत और कच्चे माल की कीमतों को देखते हुए करीब 450 ग्राम यानी एक पाउंड ब्रेड के दाम में 4 रुपये की बढ़ोतरी की है। नई कीमत 17 अगस्त 2026 से लागू हो गई है।
पहले एक पाउंड यानी करीब 450 ग्राम ब्रेड की कीमत 32 रुपये थी। अब उपभोक्ताओं को इसके लिए 36 रुपये चुकाने होंगे। एसोसिएशन के अनुसार, यह फैसला 8 अगस्त को हुई कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया था।
बेकरी संचालकों का कहना है कि उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद उन्होंने लंबे समय तक पुरानी कीमत बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन लगातार बढ़ते खर्च के कारण कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया।
ब्रेड की कीमत बढ़ाने की प्रमुख वजह कच्चे माल की बढ़ती लागत बताई गई है। पिछले महीने मैदा की कीमत में करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ोतरी हुई। वहीं चीनी की कीमत भी करीब 40 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
इसके अलावा ईंधन और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बदलाव का असर पैकेजिंग, परिवहन और अन्य परिचालन खर्चों पर भी पड़ा है। इन बढ़ती लागतों का सीधा असर बेकरी उत्पादों की कीमतों पर पड़ा है।
ब्रेड की नई कीमत का असर पश्चिम बंगाल की करीब 3,000 बेकरी पर पड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, खुदरा दुकानदारों को नई कीमत के अनुसार ब्रेड बेचने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
एसोसिएशन के अनुसार, वितरकों को 22 फीसदी तक की छूट देने का प्रावधान भी जारी रहेगा। फिलहाल बढ़ती उत्पादन लागत के बीच ब्रेड की कीमतों में आगे और बदलाव होता है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।
महंगाई का असर: चाय-ब्रेड से नाश्ता करने वाले लोगों के लिए रोजमर्रा के खर्च में यह बढ़ोतरी भले ही छोटी लगे, लेकिन लगातार बढ़ती खाद्य कीमतों के बीच घरेलू बजट पर इसका असर पड़ सकता है।
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