Simran Mallick / Sat, Aug 22, 2026 / Post views : 91
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर 2026 से इमिग्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को इमिग्रेशन क्लियरेंस के दौरान फिजिकल बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन की मुहर लगवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री अपने मोबाइल फोन में मौजूद ई-बोर्डिंग पास के जरिए इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्री इमिग्रेशन काउंटर पर अपने मोबाइल फोन में सेव ई-बोर्डिंग पास दिखाकर प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे यात्रियों को बोर्डिंग पास की प्रिंटेड कॉपी संभालकर रखने और उस पर इमिग्रेशन स्टांप लगवाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और तेज बनाना है।
जिन यात्रियों के पास प्रिंटेड बोर्डिंग पास होगा, वे भी उसका इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि, नई व्यवस्था लागू होने के बाद फिजिकल बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन की मुहर नहीं लगाई जाएगी।
इसलिए यात्रियों के लिए मोबाइल में अपना ई-बोर्डिंग पास सुरक्षित रखना उपयोगी होगा।
नई व्यवस्था को लेकर ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन की ओर से एयरपोर्ट ऑपरेटरों, CISF और अन्य संबंधित एजेंसियों को जानकारी दी गई है। संबंधित एजेंसियों को नई डिजिटल प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह नई व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर लागू होने की बात कही गई है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए मोबाइल में उपलब्ध ई-बोर्डिंग पास इमिग्रेशन क्लियरेंस की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगा।
कुल मिलाकर, इस बदलाव से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर कागजी प्रक्रिया कम होगी और इमिग्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ेगा।
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