नई दिल्ली।
पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने एक नया वीडियो संदेश जारी करते हुए देशभर के नागरिकों से 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने की अपील की है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस संदेश में उन्होंने कहा कि केवल ऑनलाइन समर्थन या संदेश भेजने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करनी होगी।
सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि लोग वास्तव में लद्दाख के पहाड़ों, नदियों और पर्यावरण की रक्षा के लिए चिंतित हैं, तो उन्हें 20 जुलाई को दिल्ली पहुंचकर शांतिपूर्ण मार्च का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह मार्च संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दिन आयोजित करने का प्रस्ताव है, ताकि जनप्रतिनिधियों तक इन मुद्दों को सीधे पहुंचाया जा सके।
अपने संदेश में वांगचुक ने दावा किया कि उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराने के लिए उन्हें लगातार संदेश मिल रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि केवल अपील करने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जनभागीदारी करने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्च का उद्देश्य सांसदों से अपील करना है कि वे लद्दाख और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर समर्थकों तथा अन्य लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
अब सभी की निगाहें 20 जुलाई पर टिकी हैं कि इस प्रस्तावित "पीसफुल मार्च टू पार्लियामेंट" में कितनी भागीदारी होती है और इस अपील का राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर क्या असर देखने को मिलता है।
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