Simran Mallick / Wed, Aug 19, 2026 / Post views : 25
नई दिल्ली: रक्षा बंधन का पर्व इस वर्ष 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का यह त्योहार इस बार खास संयोग लेकर आ रहा है। इसी दिन चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा, लेकिन भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा। ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। राखी बांधने के लिए 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक शुभ समय बताया गया है। यानी बहनों के पास राखी बांधने के लिए करीब 3 घंटे 51 मिनट का समय रहेगा।
रक्षा बंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का प्रभाव
रक्षा बंधन पर भद्रा काल का विशेष महत्व माना जाता है। इस बार राहत की बात यह है कि भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी। इसलिए दिन के समय राखी बांधने पर भद्रा की बाधा नहीं रहेगी।
राहुकाल में राखी बांधने से बचें
इस बार राखी बांधते समय राहुकाल का भी ध्यान रखना जरूरी होगा। 28 अगस्त को राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में संभव हो तो राहुकाल शुरू होने से पहले ही राखी बांधना बेहतर रहेगा।
राखी की थाली में क्या रखें?
राखी की थाली में दीया, रोली, अक्षत (चावल), मिठाई, फूल और रक्षा सूत्र रखा जा सकता है। राखी बांधते समय रक्षा मंत्र का जाप भी शुभ माना जाता है।
मंत्र:
“ॐ येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वां प्रतिबध्नामि, रक्षे मा चल मा चलः।”
मान्यता है कि इस मंत्र के माध्यम से भाई की सुख-समृद्धि और रक्षा की कामना की जाती है।
चंद्र ग्रहण को लेकर क्या है स्थिति?
28 अगस्त को चंद्र ग्रहण होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इसके सूतक काल को लेकर सामान्यतः ग्रहण संबंधी नियम लागू नहीं माने जाएंगे। हालांकि, धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर अलग-अलग पंचांग और परंपराओं में मतभेद हो सकते हैं।
नोट: पूजा-पाठ और शुभ मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंचांग या क्षेत्र के विद्वान से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन