Simran Mallick / Thu, Oct 1, 2026 / Post views : 5
नई दिल्ली: त्योहारी सीजन के बीच प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र में कमजोर बारिश और सूखे जैसी स्थिति का असर प्याज की कीमतों पर दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र में प्याज के दाम पिछले साल की तुलना में करीब दोगुने होकर लगभग 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
महाराष्ट्र देश के कुल प्याज उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। ऐसे में राज्य में उत्पादन पर असर पड़ने की स्थिति में आने वाले समय में प्याज की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
कमजोर मानसून से कई फसलों पर असर
ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल खरीफ फसलों की बुवाई का कुल रकबा पिछले साल की तुलना में करीब 1.2 प्रतिशत कम रहा है। हालांकि यह सामान्य स्तर के आसपास है, लेकिन देश के कई प्रमुख कृषि राज्यों में बारिश की कमी चिंता का कारण बनी हुई है।
इन राज्यों में देश के करीब तीन-चौथाई प्याज, दो-तिहाई दाल और आधे चावल का उत्पादन होता है। ऐसे में बारिश की कमी से पैदावार प्रभावित होने पर आने वाले महीनों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
प्याज के साथ चावल और दाल की कीमतों पर भी नजर
कमजोर मानसून का असर खाद्य कीमतों में दिखाई देने लगा है। MoSPI की ओर से जारी अगस्त के CPI आंकड़ों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बदलाव दर्ज किया गया। सितंबर में भी प्याज के साथ चीनी, चावल और दालों की कीमतों में तेजी की बात रिपोर्ट में कही गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 के अंत तक देश के 49.4 प्रतिशत से अधिक हिस्से में सूखे जैसी स्थिति बताई गई। 2023 में यह आंकड़ा करीब 30 प्रतिशत था।
महाराष्ट्र और पंजाब में स्थिति चिंता का विषय
रिपोर्ट में महाराष्ट्र और पंजाब को बारिश की कमी से प्रभावित प्रमुख राज्यों में बताया गया है। महाराष्ट्र के करीब 84 प्रतिशत और पंजाब के करीब 80 प्रतिशत हिस्से में सूखे जैसी स्थिति का उल्लेख किया गया है।
IIT गांधीनगर के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुके सूखे से प्रभावित बताए गए हैं। रिपोर्ट में इस मानसून सीजन में देश में सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम बारिश का भी जिक्र है।
कम बारिश और मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण खरीफ फसलों के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। इसका सीधा असर आने वाले समय में खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन