Simran Mallick / Mon, Aug 3, 2026 / Post views : 151
नई दिल्ली: सावन के पवित्र महीने का पहला सोमवार देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भगवान शिव के जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचे। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से लेकर वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम और गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग तक 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित बाबा महाकाल मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर सुबह से ही भारी भीड़ रही। भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया और पारंपरिक भस्म आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु देर रात से ही कतारों में खड़े नजर आए। मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने और सच्चे मन से पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने भगवान विश्वनाथ का जलाभिषेक कर फूल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित किया तथा मंगला आरती में शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। सावन के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
गुजरात के अरब सागर तट पर स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर में भी हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए। देश के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी सुबह से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का सिलसिला लगातार जारी रहा। कई स्थानों पर कांवड़ यात्रियों का पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया।
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान प्रत्येक सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से शिव पूजा करने और जलाभिषेक करने से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
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