Simran Mallick / Sun, Aug 2, 2026 / Post views : 5
नई दिल्ली,
2 अगस्त। आधुनिक भारतीय मूर्तिकला और चित्रकला के अग्रणी कलाकार रामकिंकर बैज की आज पुण्यतिथि है। 2 अगस्त 1980 को उनका निधन हुआ था। उन्हें भारतीय आधुनिक कला का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है, जिन्होंने अपनी मौलिक शैली और नवीन प्रयोगों से देश-विदेश में विशिष्ट पहचान बनाई।
25 मई 1906 को पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में जन्मे रामकिंकर बैज ने शांतिनिकेतन के कला भवन में शिक्षा प्राप्त की। महान कलाकार नंदलाल बोस के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी प्रसिद्ध मूर्तियों 'संथाल फैमिली', 'मिल कॉल', 'सुजाता' और 'यक्ष-यक्षी' को भारतीय आधुनिक मूर्तिकला की उत्कृष्ट कृतियों में गिना जाता है।
रामकिंकर बैज ने पारंपरिक शिल्पकला से अलग हटकर सीमेंट, कंक्रीट और स्थानीय सामग्रियों का प्रयोग किया। उनकी कला में ग्रामीण जीवन, श्रमिक वर्ग, प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत चित्रण दिखाई देता है। उनकी इसी विशिष्ट शैली ने उन्हें आधुनिक भारतीय कला का अग्रदूत बनाया।
भारतीय कला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1970 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। आज उनकी पुण्यतिथि पर कला जगत, शिक्षण संस्थानों और देशभर के कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
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