Rashtriya Seva Johar / Sun, Aug 2, 2026 / Post views : 58
रायपुर, 2 अगस्त 2026।
कुणाल शुक्ला।
सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के प्रति आम नागरिकों को जागरूक एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से V-KAN Shine Foundation द्वारा राजधानी रायपुर के विमतारा हॉल में निःशुल्क आरटीआई कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में नागरिक, पत्रकार, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जेन-ज़ी युवा शामिल हुए। आयोजनकर्ताओं आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला एवं अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना था।

पूर्व राज्य सूचना आयुक्त एवं वरिष्ठ पत्रकार धनवेन्द्र जायसवाल ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम नागरिकों को सशक्त बनाने और शासन में पारदर्शिता स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आरटीआई आवेदन, प्रथम एवं द्वितीय अपील, शिकायत प्रक्रिया, अधिनियम की विभिन्न धाराओं तथा जन सूचना अधिकारियों द्वारा लगाए जाने वाले सामान्य आपत्तियों से निपटने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नागरिक केवल दस्तावेज़ ही नहीं, बल्कि आवश्यकतानुसार सामग्री के नमूने प्राप्त करने का अधिकार भी प्रभावी रूप से उपयोग कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जन सूचना अधिकारी सीमांत तिवारी ने आरटीआई अधिनियम की उपयोगिता, आवेदन प्रक्रिया, धारा 6(3), धारा 8, धारा 18 एवं 19 के प्रावधानों, छत्तीसगढ़ शासन की अधिसूचनाओं तथा उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की।

वरिष्ठ अधिवक्ता शरद प्रकाश यादव ने कहा कि संविधान का मूल भाव "We the People" है। नागरिक ही राज्य का वास्तविक स्वामी है, इसलिए शासन की कार्यप्रणाली को जानना उसका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जवाबदेह लोकतंत्र की मजबूत नींव है।

वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सोनी ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम की प्रभावशीलता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

वहीं वरिष्ठ पत्रकार पी.सी. रथ ने आरटीआई आंदोलन के शुरुआती दौर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि पारदर्शी लोकतंत्र के लिए यह कानून स्वतंत्र मीडिया जितना ही महत्वपूर्ण है।

अभिषेक प्रताप सिंह ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि आरटीआई केवल भ्रष्टाचार उजागर करने का माध्यम नहीं, बल्कि शासकीय विभागों के राजस्व, परिसंपत्तियों एवं प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने का भी प्रभावी उपकरण है। उन्होंने कुणाल शुक्ला द्वारा रायपुर नगर निगम में दायर 551 आरटीआई आवेदनों से सामने आए ऐसे मामलों का उल्लेख किया, जिनसे विभाग को राजस्व बढ़ाने और प्रशासनिक सुधार करने में सहायता मिली।


कार्यक्रम के दौरान V-KAN Shine Foundation द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए अंकिता शर्मा एवं नितेश गर्ग को "जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर अवार्ड" से सम्मानित किया गया। फाउंडेशन की डायरेक्टर प्रीति उपाध्याय शुक्ला ने बताया कि यह सम्मान ज्यूरी द्वारा सर्वसम्मति से चयनित पत्रकारों को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन स्वाति पांडे ने किया |

जबकि उचित शर्मा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, अधिवक्ताओं, आरटीआई कार्यकर्ताओं एवं युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि अधिक से अधिक नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर सुशासन एवं पारदर्शिता की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
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RTI 2005
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