नई दिल्ली: देश में नकली करेंसी की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) लगातार कार्रवाई कर रहा है। BSF के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के पहले छह महीनों यानी 30 जून तक 65.25 लाख रुपये के नकली भारतीय नोट जब्त किए गए हैं।
यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2025 के पूरे साल में BSF ने 19.02 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए थे। यानी 2026 के शुरुआती छह महीनों में हुई बरामदगी पिछले पूरे साल के आंकड़े से करीब 243 फीसदी अधिक है।
आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2026 के बीच 2026 के शुरुआती छह महीनों में नकली नोटों की सबसे अधिक रकम जब्त हुई है। 2020 से 2025 के बीच हर साल औसतन करीब 27.18 लाख रुपये के नकली नोट पकड़े गए थे।
इसके मुकाबले 2026 में सिर्फ छह महीने में 65.25 लाख रुपये की नकली करेंसी पकड़ी जा चुकी है। हालांकि, ज्यादा नकली नोट जब्त होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि बाजार में नकली नोटों का प्रचलन भी उसी अनुपात में बढ़ा है। बरामदगी के आंकड़े BSF की कार्रवाई और निगरानी की स्थिति को भी दर्शाते हैं।
BSF के अधिकारियों के अनुसार पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर सीमा से जुड़े ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जहां नकली नोटों की सप्लाई से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। नकली करेंसी की आवाजाही रोकने के लिए सीमा पर निगरानी और जांच व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
2026 के अभी छह महीने बाकी हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में यदि बरामदगी जारी रहती है तो सालाना आंकड़ा और बढ़ सकता है। BSF सीमा क्षेत्रों में नकली करेंसी की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
नकली भारतीय मुद्रा लंबे समय से सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़ी चिंता का विषय रही है। नकली नोटों का इस्तेमाल संगठित अपराध और कुछ मामलों में अवैध गतिविधियों की फंडिंग से जोड़ा जाता रहा है।
आम लोगों के लिए जरूरी है कि किसी भी संदिग्ध नोट को स्वीकार करने से पहले उसकी सुरक्षा विशेषताओं की जांच करें और संदेह होने पर संबंधित बैंक या अधिकारियों से संपर्क करें।
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