Simran Mallick / Wed, Aug 19, 2026 / Post views : 74
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक ग्राम प्रधान के यहां बड़ी मात्रा में तैयार रसगुल्ले मिलने के बाद प्रशासन की जांच अब इसके लिए इस्तेमाल किए गए दूध के स्रोत पर पहुंच गई है। मंगनपुर गांव में करीब 4500 किलो तैयार सफेद रसगुल्ले मिलने के बाद अधिकारियों ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी मात्रा में मिठाई तैयार करने के लिए आखिर कितना दूध इस्तेमाल किया गया और वह दूध कहां से खरीदा गया।
प्रशासन के मुताबिक, 4500 किलो रसगुल्ले तैयार करने में अनुमानित तौर पर करीब 20 हजार लीटर दूध की जरूरत पड़ी होगी। इसी को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने फैक्ट्री संचालक से दूध की खरीद और उसके स्रोत के बारे में जानकारी मांगी।
अधिकारी का सवाल था कि इतनी बड़ी मात्रा में दूध कहां से खरीदा गया और क्या इसकी खरीद से संबंधित कोई रिकॉर्ड मौजूद है।
बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान फैक्ट्री संचालक दूध की इतनी बड़ी मात्रा की खरीद और उसके स्रोत को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए दूध की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जानकारी जुटाने पर जोर दिया है।
प्रशासन यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में दूध की व्यवस्था किस माध्यम से की गई और रसगुल्ले तैयार करने की पूरी प्रक्रिया क्या थी।
मंगनपुर गांव में बड़ी मात्रा में रसगुल्ले मिलने के बाद पहले ही प्रशासन की कार्रवाई और जांच चर्चा में है। अब दूध की खरीद का हिसाब नहीं मिलने से मामले में एक और सवाल खड़ा हो गया है।
फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है और दूध की खरीद, मिठाई तैयार करने की प्रक्रिया तथा उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
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