रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। 20 अगस्त को बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय के प्रश्नपत्र के लीक होने के बाद अब जांच में 7 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी विषय के प्रश्नपत्र के भी लीक होने की जानकारी सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दोनों परीक्षाओं को निरस्त करने का फैसला लिया है।
पेपर लीक मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने रविवार को अवकाश के दिन कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आपातकालीन बैठक की। बैठक में परीक्षा की गोपनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
रायपुर पुलिस की जांच में 20 अगस्त की परीक्षा से जुड़े मामले में भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग से संबंधित कुछ छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान 7 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी प्रश्नपत्र के लीक होने की जानकारी भी सामने आई।
इसके बाद विश्वविद्यालय ने 20 अगस्त की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष एंटोमोलॉजी परीक्षा और 7 अगस्त की बीएससी कृषि प्रथम वर्ष प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार दोनों निरस्त परीक्षाओं का आयोजन सितंबर 2026 के प्रथम सप्ताह में दोबारा किया जाएगा। परीक्षा की नई तारीख विश्वविद्यालय की ओर से अलग से जारी की जाएगी।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
पेपर लीक मामले में भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग को भी नोटिस जारी किया गया है। विश्वविद्यालय ने परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित नहीं कर पाने के मामले में संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा महाविद्यालय में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नियुक्त ऑब्जर्वरों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
रायपुर पुलिस की जांच में जिन छात्रों को मामले में दोषी पाया गया है, उनके खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर पर भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला लिया गया है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने संकेत दिया है कि परीक्षा की गोपनीयता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
20 अगस्त के पेपर लीक मामले के बाद विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग ने परीक्षा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। 22 अगस्त 2026 की परीक्षा के प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को हार्ड कॉपी के बजाय पासवर्ड-प्रोटेक्टेड ईमेल के माध्यम से भेजे गए।
सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को सुबह 9:30 बजे उपलब्ध कराया गया, ताकि प्रश्नपत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विश्वविद्यालय के अनुसार 24 अगस्त को होने वाली परीक्षाओं में भी यही व्यवस्था जारी रहेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए परीक्षा विभाग और महाविद्यालयों के परीक्षा हॉल में CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
इसके साथ ही भविष्य की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है।
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