भिलाई नगर, दुर्ग:
छत्तीसगढ़ OBC संगम के तत्वावधान में मंडल आयोग के अध्यक्ष एवं सामाजिक न्याय के पुरोधा स्मृतिशेष बी.पी. मंडल जी की जयंती के अवसर पर सेक्टर-7 स्थित कुर्मी भवन, भिलाई नगर में 22 एवं 23 अगस्त 2026 को दो दिवसीय अखिल भारतीय OBC सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभर से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिलाओं एवं OBC समाज के प्रतिनिधियों ने पिछड़े वर्गों की समस्याओं, अधिकारों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की।
सम्मेलन के दोनों दिनों में अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए, जिनमें युवा सत्र, महिला सत्र तथा OBC समाज की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक समस्याओं पर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि पिछड़े वर्गों की वास्तविक भागीदारी और अधिकार सुनिश्चित किए बिना सामाजिक न्याय की संकल्पना पूरी नहीं हो सकती।

इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में विशेष रूप से रीवा, मध्यप्रदेश से पूर्व सांसद एवं अविभाजित मध्यप्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री आदरणीय राजमणि पटेल जी अपनी टीम के साथ शामिल हुए। उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करते हुए OBC समाज की एकजुटता, शिक्षा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक चेतना को मजबूत करने पर जोर दिया।
सम्मेलन में यह बात प्रमुखता से उठाई गई कि पिछड़े वर्गों के सामने केवल आर्थिक समस्याएं ही नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता, अवसरों की कमी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ापन जैसी गंभीर चुनौतियां भी मौजूद हैं। वक्ताओं ने इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए जागरूकता, संगठन और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी को जरूरी बताया।
सम्मेलन में ब्राह्मणवादी सामाजिक व्यवस्था को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। संगठन के वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सदियों से चली आ रही सामाजिक असमानताओं और वर्चस्ववादी व्यवस्थाओं के कारण पिछड़े वर्गों को अपने अधिकारों और वास्तविक सामाजिक स्थिति का पर्याप्त बोध नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले का विचार—“गुलाम को गुलामी का एहसास करा दो, तो वह गुलामी की जंजीरें तोड़ने स्वयं खड़ा हो जाएगा”—आज भी सामाजिक चेतना के लिए महत्वपूर्ण संदेश देता है।
छत्तीसगढ़ OBC संगम के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी समाज के प्रति द्वेष पैदा करना नहीं, बल्कि पिछड़े वर्गों को उनके संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक स्थिति और लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति जागरूक करना तथा सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करना है। संगठन शिक्षा, संगठन और अधिकारों की जानकारी के माध्यम से OBC समाज को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लेता है।
दो दिवसीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता ने इसे व्यापक स्वरूप प्रदान किया। सम्मेलन में पिछड़ों की समस्याओं पर चर्चा के साथ-साथ समाधान, संगठन निर्माण, सामाजिक जागरूकता और भविष्य की रणनीति को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।
सम्मेलन का समापन 23 अगस्त 2026, रविवार को शाम 7 बजे हुआ। अंत में आयोजकों द्वारा सम्मेलन में उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं, युवाओं एवं सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
छत्तीसगढ़ OBC संगम ने संकल्प लिया कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई को गांव-गांव और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा।
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