भिलाई।
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में छत्तीसगढ़वासियों के साथ कथित भेदभाव के विरोध में आयोजित "भिलाई बचाओ पदयात्रा" में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष गिरीश देवांगन अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। राजभवन के लिए निकाली गई इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
भिलाई इस्पात संयंत्र को बताया छत्तीसगढ़ की पहचान
पदयात्रा के दौरान गिरीश देवांगन ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, विकास और रोजगार का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि संयंत्र के निर्माण और विकास में छत्तीसगढ़वासियों का अहम योगदान रहा है, इसलिए स्थानीय लोगों के साथ किसी भी प्रकार का कथित भेदभाव स्वीकार्य नहीं है।
'अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा'
गिरीश देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों के साथ कथित अन्याय और भेदभाव के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश के लोगों को उनका अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के हितों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर उनकी आवाज बुलंद की जाएगी।
अधिकार और सम्मान की लड़ाई का बताया प्रतीक
गिरीश देवांगन ने कहा कि "भिलाई बचाओ पदयात्रा" छत्तीसगढ़वासियों के अधिकार, सम्मान और न्याय की आवाज है। उनके अनुसार यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदेश के लोगों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है।
बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ता और नागरिक
पदयात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर छत्तीसगढ़ के हितों की रक्षा, स्थानीय लोगों के अधिकार सुनिश्चित करने और कथित भेदभाव के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की।
Tags :
Latest news
BSP
Bhilai
Bhilai Steel plant
Padyatra
Foot march to the Raj Bhavan
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन