Simran Mallick / Fri, Sep 18, 2026 / Post views : 2
रायपुर। राजधानी रायपुर की प्रयास संस्था में 13 वर्षीय छात्र को हॉस्टल से बाहर किए जाने का मामला सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे पर तांत्रिक क्रिया करने का आरोप लगाकर उसे अचानक हॉस्टल से निकाल दिया गया और टीसी थमा दी गई। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री शिकायत सेल में भी दर्ज कराई गई है।
अब छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है। आयोग की डीसीपीयू यूनिट प्रयास संस्था पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। टीम बच्चे के साथ हुए कथित व्यवहार, संस्था की कार्रवाई और उसके ऊपर लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी।
बाल संरक्षण आयोग ने क्या कहा?
बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने बताया कि उन्होंने बच्चे के पिता से फोन पर बातचीत की है। उनके अनुसार डीसीपीयू की पूरी यूनिट मामले की विस्तृत जांच करेगी और जांच के बाद प्रतिवेदन रिपोर्ट मंगाई जाएगी।
अध्यक्ष के मुताबिक, बच्चों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई या शब्दावली का इस्तेमाल किए जाने की शिकायत गंभीर है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आयोग आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) के प्रावधानों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
परिजनों के मुताबिक, महासमुंद जिले के एक किसान के 13 वर्षीय बेटे का प्रयास संस्था में कक्षा 9वीं में 3 सितंबर को दाखिला हुआ था। आरोप है कि करीब दो सप्ताह बाद संस्था के प्रबंधन ने परिजनों को बुलाकर बच्चे पर हॉस्टल में रात करीब 2 बजे तक जागने और कथित तौर पर तांत्रिक क्रिया करने का आरोप लगाया।
परिजनों का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी शिकायत के बारे में पहले जानकारी नहीं दी गई थी। उनका सवाल है कि दाखिले के कुछ ही दिनों बाद बच्चे के व्यवहार को लेकर इतनी गंभीर कार्रवाई किस आधार पर की गई।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
बच्चे के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि संस्था की प्राचार्य ने उन्हें डराया-धमकाया और दबाव बनाकर कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करवाए। इसके बाद बच्चे को हॉस्टल से बाहर कर दिया गया और उसे टीसी दे दी गई।
परिजनों का यह भी दावा है कि जब उन्होंने हॉस्टल में रहने वाले अन्य बच्चों से घटना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, तो बच्चों ने ऐसे किसी कृत्य की जानकारी होने से इनकार किया।
मुख्यमंत्री शिकायत सेल में शिकायत
घटना के बाद बच्चे के परिजन उसे लेकर महासमुंद लौट गए हैं। परिजनों ने संस्था की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री शिकायत सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बच्चे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल बाल संरक्षण आयोग की डीसीपीयू यूनिट की जांच के बाद ही पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Tags :
#Student News
#Raipur Prayas Institution Case
#Prayas School
#JJ Act
#DCPU Raipur
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन