Simran Mallick / Sat, Aug 29, 2026 / Post views : 6
Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ की त्रासदी का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। नारायणी नदी के तेज बहाव के साथ शव, मलबा, लकड़ियां और अन्य सामान बहकर उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले तक पहुंच रहे हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, नदी से अब तक चार शव बरामद किए गए हैं, जिनमें तीन बच्चों के बताए जा रहे हैं।
नेपाल में बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबरों के बीच भारत-नेपाल सीमा से लगे इलाकों में भी चिंता बढ़ गई है। नारायणी नदी में बहकर आ रहे शव और मलबा पड़ोसी देश में आई आपदा की भयावहता को सामने ला रहे हैं।
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसी दौरान नारायणी नदी के बहाव में शव और मलबा बहकर भारत की ओर पहुंच रहे हैं।
महराजगंज में नदी से चार शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन शव बच्चों के बताए जा रहे हैं। शवों की पहचान की प्रक्रिया और उनके नेपाल से संबंधित होने की पुष्टि के लिए संबंधित स्तर पर जांच की जा रही है।
नेपाल के कई इलाकों में आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
नेपाल के नवलपरासी पूर्व क्षेत्र में अब तक 158 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण तलाशी अभियान लगातार जारी है।
नारायणी नदी के रास्ते भारत पहुंच रहे शवों के साथ बड़ी मात्रा में मलबा, लकड़ियां और अन्य सामान भी बहकर आ रहा है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों के बीच इसे लेकर चिंता का माहौल है।
प्रशासन की ओर से नदी और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही है। लोगों को नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी प्रशासन सतर्क है। नारायणी नदी के जलस्तर और बहाव पर नजर रखी जा रही है। नदी से शव मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां आवश्यक कार्रवाई में जुटी हैं।
नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर भारत और नेपाल के सीमावर्ती नदी क्षेत्रों में बाढ़ के प्रभाव को उजागर किया है। राहत और बचाव अभियान के साथ अब लापता लोगों की तलाश और बरामद शवों की पहचान एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन