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Nepal Tibet Flood : तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से नेपाल में तबाही, 178 मौतों का दावा

Simran Mallick / Thu, Aug 27, 2026 / Post views : 2

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Nepal Tibet Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल और तिब्बत में मिलाकर 178 लोगों की मौत बताई जा रही है, जबकि 1,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार तलाश अभियान चला रही हैं।

भारतीय नागरिक भी लापता

इस प्राकृतिक आपदा के बाद कई भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर से भारत में भी चिंता बढ़ गई है। प्रभावित क्षेत्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के मार्ग के आसपास होने के कारण बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री और अन्य विदेशी नागरिक वहां मौजूद थे। अलग-अलग अपडेट में लापता भारतीयों की संख्या में बदलाव सामने आया है, इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़ा आने तक संख्या की पुष्टि जारी है।

नेपाल में सेना, पुलिस और अन्य बचाव दल हेलीकॉप्टरों तथा दूसरे माध्यमों से प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। खराब मौसम, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण राहत कार्य में मुश्किलें भी आ रही हैं।

भूकंप नहीं, ग्लेशियर और लैंडस्लाइड बनी तबाही की वजह

शुरुआत में सीमा क्षेत्र में महसूस हुए तेज झटकों को भूकंप से जोड़कर देखा गया था। बाद में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आकलन में संकेत मिला कि यह झटका लैंडस्लाइड और ग्लेशियर के ढहने से पैदा हुआ भूकंपीय संकेत था, न कि सामान्य भूकंप।

रिपोर्टों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर का एक हिस्सा चट्टानों और मलबे के साथ नीचे गिरा। इससे नदी का प्रवाह बाधित हुआ और बाद में पानी तथा मलबे की तेज लहर ने निचले इलाकों में भारी तबाही मचा दी।

सड़कें, पुल और बुनियादी ढांचा तबाह

बाढ़ की तेज धार ने कई गांवों, सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचाया। नेपाल के कई जिलों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। बचाव दलों को सबसे ज्यादा परेशानी उन इलाकों तक पहुंचने में हो रही है जहां सड़क और पुल बह गए हैं।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान तेज कर दिया है। लापता लोगों की पहचान और सुरक्षित निकासी के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि राहत अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों और लापता लोगों के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।

आंकड़ों में लगातार बदलाव

आपके दिए गए आंकड़ों की तुलना में ताजा अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में अलग-अलग संख्या सामने आ रही है। इसलिए खबर प्रकाशित करते समय “ताजा रिपोर्टों के मुताबिक” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। आधिकारिक एजेंसियों की पुष्टि के साथ आंकड़े लगातार अपडेट हो रहे हैं।

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