Simran Mallick / Mon, Aug 31, 2026 / Post views : 27
भोपाल: मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों के निपटारे को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब पेंशन मामलों को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकेगा। वित्त विभाग ने राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल (SCPPC) के तहत ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए हर स्तर पर अधिकतम समय-सीमा निर्धारित कर दी है।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पेंशन प्रकरण को क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर के तीन स्तरों से गुजरना होगा। सामान्य नवीन पेंशन प्रकरण के लिए तीनों स्तरों पर अधिकतम 5-5 कार्य दिवस, यानी कुल 15 कार्य दिवस की समय-सीमा तय की गई है।
पुनरीक्षित पेंशन प्रकरण 10 दिन में पूरे होंगे। इसमें क्रियेटर के लिए 4 कार्य दिवस और वेरीफायर तथा एप्रूवर के लिए 3-3 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। वहीं वेतन निर्धारण के मामलों के लिए कुल 11 कार्य दिवस की समय-सीमा तय की गई है।
वित्त विभाग की समीक्षा में कई पेंशन प्रकरण लंबे समय से लंबित पाए गए थे। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में प्रकरण का निराकरण नहीं होने पर संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने आगामी महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के अग्रिम पेंशन प्रकरणों पर भी विशेष जोर दिया है। उद्देश्य है कि कर्मचारी के रिटायरमेंट के बाद पेंशन शुरू होने में अनावश्यक देरी न हो।
SCPPC का गठन वित्त विभाग ने 9 जून 2025 को किया था। 1 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों का निराकरण इस केंद्रीकृत व्यवस्था के माध्यम से किया जा रहा है।
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