Simran Mallick / Sat, Aug 29, 2026 / Post views : 2
अंबिकापुर: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अंबिकापुर सेंट्रल जेल में भाई-बहन के रिश्ते की भावुक तस्वीर देखने को मिली। जेल की चारदीवारी के बीच भी रक्षाबंधन की खुशियां पहुंचीं। बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए जेल पहुंचीं। इस दौरान कई ऐसे भावुक पल सामने आए, जब भाई-बहन की आंखें नम हो गईं।
रक्षाबंधन के दिन सुबह से ही अंबिकापुर सेंट्रल जेल के बाहर बहनों की भीड़ नजर आने लगी। किसी के हाथ में राखी थी तो कोई पूजा की थाली और मिठाई लेकर अपने भाई से मिलने पहुंची थी।
बहनों के चेहरे पर भाई से मिलने की खुशी दिखाई दे रही थी। साथ ही उनके मन में अपने भाइयों के बेहतर भविष्य और सुख-शांति की कामना भी थी।
सुरक्षा जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद बहनों को जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। जैसे ही बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, वहां का माहौल भावुक हो गया।
कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। वहीं, अपनी बहनों को सामने देखकर कई बंदी भाई भी भावुक हो गए। लंबे समय बाद मिले इस मौके पर भाई-बहनों ने एक-दूसरे से बातचीत की और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
कुछ देर की इस मुलाकात में भाई-बहन के बीच भावनाओं का ऐसा पल देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
रक्षाबंधन को देखते हुए जेल प्रशासन की ओर से मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा जांच के बाद बहनों को निर्धारित नियमों के तहत जेल परिसर में प्रवेश दिया गया।
जेल प्रशासन ने मुलाकात की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए। बहनों ने भी जेल के नियमों का पालन करते हुए अपने भाइयों से मुलाकात की।
राखी बांधने पहुंचीं बहनों का कहना था कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, भाई-बहन का रिश्ता हमेशा बना रहता है। रक्षाबंधन के दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना उनके लिए बेहद खास पल है।
बहनों ने अपने भाइयों के बेहतर भविष्य, सुख-शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव की कामना की। वहीं भाइयों ने भी अपनी बहनों के प्रति स्नेह जताया और उनके सुखी जीवन की कामना की।
अंबिकापुर सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन का यह आयोजन भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक मजबूती की याद दिलाता नजर आया। जेल की दीवारों के बीच भी इस पवित्र रिश्ते की गर्माहट साफ महसूस हुई।
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