रायपुर: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की मौजूदगी में चारों नगर निगमों और चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
योजना के तहत नवंबर 2026 तक बिलासपुर और भिलाई में शुरुआती तौर पर 20-20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। इससे शहरों में यात्रियों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के पहले चरण में छत्तीसगढ़ के चार शहरी क्षेत्रों में बसों का संचालन प्रस्तावित है।
रायपुर: 100 इलेक्ट्रिक बसें
बिलासपुर: 50 इलेक्ट्रिक बसें
दुर्ग-भिलाई: 50 इलेक्ट्रिक बसें
कोरबा: 40 इलेक्ट्रिक बसें
इस तरह कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है। इन बसों के संचालन से शहरों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होने और यात्रियों को आवागमन के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है।
विभागीय तैयारी के अनुसार, नवंबर 2026 तक बिलासपुर और भिलाई में 20-20 ई-बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अन्य शहरों में भी योजना के तहत बस सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
ई-बसों के सुचारु संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन, बस डिपो, बस स्टॉप और रखरखाव केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। योजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
योजना के तहत प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छह कैमरे लगाने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मोबाइल एप के माध्यम से बसों के रूट की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों की जानकारी प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा स्वच्छ और हरित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और वायु एवं ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही नागरिकों को शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह योजना उपयोगी होगी।
ई-बस सेवा के संचालन के साथ चार्जिंग स्टेशन, डिपो और रखरखाव केंद्रों के विकास की जरूरत होगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
कंसेशन एग्रीमेंट कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, विभागीय संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल और चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पंकज गांधी सहित विभिन्न नगरीय निकायों के महापौर और अधिकारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की यह योजना शहरी परिवहन को बेहतर बनाने, प्रदूषण कम करने और यात्रियों को सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। हालांकि, बस सेवा शुरू होने की वास्तविक तारीख संबंधित विभाग की आगे की तैयारियों पर निर्भर करेगी।
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