Simran Mallick / Mon, Oct 12, 2026 / Post views : 55
रायपुर: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है। आज 12 अक्टूबर को नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, त्याग, संयम और धैर्य की प्रतीक हैं। उनकी आराधना से भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने और जीवन में आत्मबल बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।
मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप शांत और तेजस्वी माना जाता है। उनके दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल रहता है। माता सफेद वस्त्र धारण करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी कारण उनका यह स्वरूप तप, साधना और संयम का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्रि के दूसरे दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें। इसके बाद मां ब्रह्मचारिणी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित कर रोली, अक्षत, चंदन और फूल अर्पित करें। परंपरा के अनुसार, माता को पंचामृत का भोग लगाया जा सकता है। इसके बाद धूप-दीप जलाकर मां के मंत्र का जाप करें और आरती करें। अंत में परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना करें।
धार्मिक परंपराओं में मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर, मिश्री और पंचामृत अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। इसके अलावा दूध से बनी मिठाइयां और मखाने की खीर भी भोग में चढ़ाई जा सकती है। पूजा के दौरान श्रद्धालु इस मंत्र का जाप कर सकते हैं—
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः।
मंत्र जाप के बाद माता को भोग लगाएं और प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटें।
12 अक्टूबर 2026 को पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:29 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक बताया गया है। श्रद्धालु इस समय के दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सकते हैं। हालांकि, शुभ मुहूर्त की पुष्टि के लिए स्थानीय पंचांग देखना उचित रहेगा।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। कुछ परंपराओं में हरे या पीले रंग को भी महत्व दिया जाता है। श्रद्धालु अपनी आस्था और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार वस्त्रों का चयन कर सकते हैं।
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना श्रद्धालुओं को धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास का संदेश देती है। भक्त पूरे श्रद्धाभाव से माता की पूजा कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन