RESHAM SAHU / Thu, Sep 24, 2026 / Post views : 22
डोंगरगांव । गांव के बच्चों का अनुशासन और संस्कार देखकर मन हुआ प्रसन्न — सोनाली नागरची
आज प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों के निरीक्षण के दौरान सोनाली नागरची को छात्र-छात्राओं के साथ कुछ समय बिताने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनकी दिनचर्या, पढ़ाई, अनुशासन एवं छात्रावास की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
गांव और दूरदराज के क्षेत्रों से आकर छात्रावास में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों का अनुशासन, व्यवहार और आत्मविश्वास देखकर सोनाली नागरची काफी प्रसन्न नजर आईं। उन्होंने बच्चों से कहा कि अनुशासन, मेहनत और शिक्षा ही जीवन में आगे बढ़ने की सबसे मजबूत नींव है।
सोनाली नागरची ने कहा कि इन बच्चों के साथ समय बिताना उनके लिए बेहद सुखद और प्रेरणादायक अनुभव रहा। बच्चों की सादगी, अनुशासन और सीखने की लगन ने मन को खुशी से भर दिया। उन्होंने बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर अवसर और सकारात्मक वातावरण मिलना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही बच्चे आने वाले समय में समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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छत्तीसगढ़
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