Simran Mallick / Thu, Sep 24, 2026 / Post views : 9
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। स्टाइपेंड बढ़ाने और बॉन्ड की अवधि कम करने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने आज से ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया है। जूनियर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार किया जा सकता है।
17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के समक्ष अपनी बात रख रहा है। एसोसिएशन के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले रायपुर की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर मांगों को लेकर चर्चा की थी। इस दौरान मांगों पर जल्द आदेश जारी करने का आश्वासन मिलने का दावा किया गया।
इसके बाद जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसमें मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया। डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और बॉन्ड की अवधि कम करना समेत अन्य मांगें शामिल हैं।
कैंडल मार्च के बाद OPD का बहिष्कार
आंदोलन के तहत जूनियर डॉक्टरों ने एक दिन पहले कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया था। मांगों पर सरकार की ओर से आदेश जारी नहीं होने से नाराज डॉक्टरों ने अब ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार शुरू कर दिया है।
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और आगे बढ़ाया जाएगा।
इमरजेंसी सेवाओं पर भी पड़ सकता है असर
जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाओं के बहिष्कार की भी चेतावनी दी है। ऐसे में यदि सरकार और डॉक्टरों के बीच जल्द सहमति नहीं बनती है, तो अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। फिलहाल आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है और ओपीडी बहिष्कार के जरिए विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
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