Simran Mallick / Thu, Oct 15, 2026 / Post views : 65
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में हाईकोर्ट द्वारा उनकी अर्जी खारिज किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उनकी विधायकी को लेकर बड़ा दावा किया है। हालांकि, फिलहाल उनकी विधायकी रद्द होने का कोई फैसला नहीं आया है।
हाईकोर्ट ने खारिज की भूपेश बघेल की अर्जी
पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में भूपेश बघेल ने अपने निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका में अतिरिक्त मुद्दे जोड़ने की मांग की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद इस मामले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
बीजेपी ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
हाईकोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर भूपेश बघेल पर निशाना साधा। पार्टी ने दावा किया कि आने वाले समय में उनकी विधायकी भी रद्द हो सकती है। बीजेपी ने अपने पोस्ट में कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और चुनावी नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों का जवाब अदालत में देना होगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। बीजेपी नेता विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दायर की थी। आरोप है कि मतदान से पहले लागू 48 घंटे की प्रचार-निषेध अवधि के दौरान रैली निकाली गई थी। इस मामले में अदालत में सुनवाई जारी है।
क्या खत्म हो सकती है भूपेश बघेल की विधायकी?
बीजेपी ने हाईकोर्ट के हालिया फैसले को भूपेश बघेल के लिए बड़ा झटका बताते हुए उनकी विधायकी पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, अर्जी खारिज होने का मतलब अपने आप विधायकी समाप्त होना नहीं है। इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत के आगे के आदेशों और चुनाव याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर करेगा। फिलहाल, भूपेश बघेल की विधायकी रद्द होने की पुष्टि नहीं हुई है।
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