Simran Mallick / Thu, Aug 6, 2026 / Post views : 3
बलौदाबाजार: जिले के रोहांसी स्थित सरकारी शराब भट्टी में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने और शिकायत की जांच में कथित लापरवाही बरतने के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कसडोल विधायक संदीप साहू की शिकायत के बाद आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, शराब भट्टी में प्लेसमेंट पर कार्यरत चार कर्मचारियों को ब्लैकलिस्ट कर सेवा से हटा दिया गया है।
विधायक के निरीक्षण में सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, 2 अगस्त को कसडोल विधायक संदीप साहू नगर पंचायत रोहांसी के दौरे पर थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर उन्हें सीधे रोहांसी शराब भट्टी पहुंचाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शराब की बोतलों पर निर्धारित कीमत से 10 से 20 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं।
मौके पर निरीक्षण के दौरान विधायक ने भी कथित ओवररेट बिक्री की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह प्रतिदिन बड़ी मात्रा में अवैध वसूली की जा रही है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
जांच में लापरवाही का आरोप
शिकायत की जांच आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को सौंपी गई थी। आरोप है कि उन्होंने मूल शिकायत की पूरी जांच करने के बजाय केवल देशी शराब काउंटर से संबंधित मामला दर्ज किया, जिससे शिकायतकर्ताओं में असंतोष बना रहा।
CCTV बंद मिला, जिला कार्यालय को नहीं दी जानकारी
बाद में हुई जांच में यह भी सामने आया कि रोहांसी शराब भट्टी का सीसीटीवी सिस्टम बंद था। आरोप है कि उपनिरीक्षक ने इसकी जानकारी जिला आबकारी कार्यालय को भी नहीं दी।
आबकारी आयुक्त कार्यालय ने इसे कर्तव्य में गंभीर लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन का मामला माना और पी. माधव राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रायपुर निर्धारित किया गया है।
चार कर्मचारी किए गए ब्लैकलिस्ट
मामले में रोहांसी शराब भट्टी में प्लेसमेंट पर कार्यरत चार कर्मचारियों को भी ब्लैकलिस्ट कर सेवा से हटा दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब की बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता या ओवररेट वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच अभी जारी
जिला आबकारी अधिकारी निधिश कोटिश ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है और चार कर्मचारियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है तथा यदि जांच में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन