Simran Mallick / Thu, Aug 6, 2026 / Post views : 37
भोपाल: मध्य प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र राशन कार्ड धारकों को अब पारंपरिक प्रक्रिया की जगह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के माध्यम से राशन उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और लीकेज मुक्त बनाना है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि भारत सरकार ने इस महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट के लिए भोपाल और इंदौर का चयन किया है। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक इन दोनों शहरों की सभी उचित मूल्य दुकानों पर डिजिटल रुपये आधारित व्यवस्था लागू करना है।
नई प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों की खाद्यान्न पात्रता के अनुसार हर महीने CBDC टोकन सीधे उनके डिजिटल वॉलेट में भेजे जाएंगे। राशन प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को अपने मोबाइल ऐप से उचित मूल्य दुकान पर उपलब्ध QR Code स्कैन करना होगा। इसके बाद डिजिटल टोकन का उपयोग करते ही उन्हें गेहूं, चावल और अन्य पात्र खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि डिजिटल रुपया केवल राशन प्राप्त करने के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे सरकारी सब्सिडी का दुरुपयोग रोकने और लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न पहुंचाने में मदद मिलेगी।
योजना के तहत सबसे पहले लाभार्थियों के आधार, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर का सत्यापन और ई-केवाईसी (e-KYC) किया जाएगा। इसके बाद हितग्राहियों को PNB Digital Rupee App से जोड़ा जाएगा। साथ ही उचित मूल्य दुकानों को QR आधारित CBDC भुगतान प्रणाली से लैस किया जाएगा और दुकानदारों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, मध्य प्रदेश खाद्य विभाग, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) और अन्य तकनीकी एजेंसियों के सहयोग से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो मध्य प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल होगा, जहां डिजिटल रुपया सीधे जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन का माध्यम बनेगा। भविष्य में इस मॉडल को अन्य राज्यों और सरकारी योजनाओं में भी लागू किया जा सकता है।
राशन वितरण में पहली बार डिजिटल रुपये (CBDC) का उपयोग।
लाभार्थी के डिजिटल वॉलेट में सीधे राशन का डिजिटल टोकन।
QR Code स्कैन कर उचित मूल्य दुकान से आसानी से राशन प्राप्त होगा।
सब्सिडी के दुरुपयोग और फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) बनेगी कैशलेस, पेपरलेस और अधिक पारदर्शी।
भोपाल और इंदौर से शुरू होगा प्रदेश का सबसे बड़ा डिजिटल राशन वितरण पायलट प्रोजेक्ट।
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