रायपुर: छत्तीसगढ़ में बस से सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लंबे समय से बस मालिक संघ किराया बढ़ाने की मांग कर रहा है। अब इस मांग को लेकर सरकार और बस मालिकों के बीच हुई बातचीत के बाद किराया बढ़ने की संभावना तेज हो गई है।
बस मालिक संघ के प्रतिनिधियों ने एक बार फिर परिवहन मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात कर बस किराया बढ़ाने की मांग रखी। बैठक के बाद बस मालिकों ने दावा किया कि परिवहन मंत्री की ओर से प्रति किलोमीटर 1.75 पैसे किराया बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है।
हालांकि, किराया बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। बस मालिकों को अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। कैबिनेट से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद ही नई किराया दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 12 हजार से ज्यादा यात्री बसों का संचालन होने की बात सामने आई है। बस परिवहन के कारोबार से करीब एक लाख से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। बस मालिकों का कहना है कि ईंधन समेत परिवहन संचालन की लागत बढ़ने से मौजूदा किराए पर बसों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है।
किराया बढ़ाने की मांग को लेकर बस ऑपरेटरों ने पहले सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो 22 सितंबर से बसों का संचालन बंद किया जा सकता है। इसके बाद सरकार और बस मालिक संघ के बीच बातचीत का दौर चला।
अब परिवहन मंत्री की ओर से किराया बढ़ाने के आश्वासन के बाद बस ऑपरेटरों को राहत की उम्मीद है। हालांकि, यात्रियों के लिए किराया बढ़ोतरी का मतलब बस यात्रा पर अतिरिक्त खर्च होगा।
फिलहाल बस किराया बढ़ाने का अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। ऐसे में यात्रियों, बस संचालकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
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