Rashtriya Seva Johar / Tue, Sep 8, 2026 / Post views : 47
नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ‘परिवर्तन बनें’ संस्था द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में सामाजिक कार्यकर्ता श्री रामस्वरूप साहू को सामाजिक क्षेत्र में लगभग दो दशकों से किए जा रहे उल्लेखनीय एवं समर्पित कार्यों के लिए ‘जीवन गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक एवं भारत-तिब्बत मैत्री संघ के संस्थापक श्री इंद्रेश कुमार जी ने प्रदान किया। भारत मंडपम जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर उनके हाथों सम्मान प्राप्त करना रामस्वरूप साहू के लिए गौरवपूर्ण और भावुक क्षण रहा।
रामस्वरूप साहू पिछले करीब 20 वर्षों से सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने स्वयंसेवी संस्था ‘ललिता समग्र विकास संस्थान’ के संस्थापक एवं अध्यक्ष के रूप में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, जनअधिकार, जनकल्याण तथा जरूरतमंद और वंचित वर्गों के लिए निरंतर कार्य किया है।
उनके सामाजिक प्रयासों का प्रमुख उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शिक्षा, अधिकार, अवसर और सहयोग पहुंचाना रहा है। लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय सम्मेलन में एयर मार्शल डॉ. आर.सी. वाजपेयी, डॉ. यशवीर सिंह, श्री शिव नंदन जी, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता संदीप मारवाह, संस्था के अध्यक्ष मासूक अली, सचिव जस्मीन तथा दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. रमा यादव सहित विभिन्न क्षेत्रों की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं।
‘परिवर्तन बनें’ संस्था के संस्थापक श्री शिवप्रताप सिंह जी ने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं के योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था की उपनिदेशक श्रीमती रिज़वाना बानो जी ने किया।
राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय “वैश्विक नवाचार, नेतृत्व एवं परिवर्तनकारी बदलाव में अग्रणी महिलाएं” रहा। इस दौरान महिला नेतृत्व, नवाचार, सामाजिक परिवर्तन और सशक्तिकरण सहित समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।
डॉ. रमा यादव के निर्देशन में विशेष नाट्य मंचन भी प्रस्तुत किया गया, जिसके माध्यम से सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।

“यह सम्मान पुरस्कार नहीं, नई जिम्मेदारी है”
सम्मान प्राप्त करने के बाद रामस्वरूप साहू ने कहा कि भारत मंडपम जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर श्री इंद्रेश कुमार जी के हाथों सम्मान प्राप्त करना उनके लिए अत्यंत गौरव का क्षण है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ निभाने की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास हमेशा समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शिक्षा, अधिकार, अवसर और सहयोग पहुंचाने का रहा है।
रामस्वरूप साहू ने सामाजिक सेवा को अपने लिए केवल कार्य नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी बताया। उन्होंने भविष्य में भी इसी निष्ठा और समर्पण के साथ सामाजिक सेवा जारी रखने की बात कही।
रामस्वरूप साहू ने प्राप्त सम्मान को अपने परिवार, सहयोगियों और सामाजिक क्षेत्र में वर्षों से उनके साथ कार्य करने वाले साथियों को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि करीब दो दशक की सामाजिक सेवा यात्रा में परिवार, सहयोगियों और समाज के अनेक लोगों का निरंतर सहयोग और विश्वास मिला है। इसलिए यह सम्मान उनके साथ जुड़े सभी लोगों के विश्वास, सहयोग और प्रेरणा का भी सम्मान है।
लगभग दो दशकों की सामाजिक सेवा, स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से जनकल्याण के लिए किए गए निरंतर प्रयासों और वंचित वर्गों के प्रति समर्पण के लिए मिला यह ‘जीवन गौरव सम्मान’ रामस्वरूप साहू की सामाजिक प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
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