Simran Mallick / Mon, Oct 12, 2026 / Post views : 72
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन आयोजित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता वाली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती की अनुमति भी प्रदान की गई।
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कार्य आवंटन नियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं और उनके लिए यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र में आदिवासियों के विकास के लिए अलग जनजातीय मंत्रालय बनाया गया था। इसी क्रम में राज्य में भी विभाग का नाम बदलने का फैसला लिया गया है।
साय कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और कौशल का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति दी गई है।
राज्य सरकार पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर पहले ही श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है। इस निर्णय से सेना में सेवा दे चुके अग्निवीरों को राज्य पुलिस में भर्ती का अवसर मिल सकेगा। भर्ती की विस्तृत प्रक्रिया और पात्रता संबंधी जानकारी संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार निर्धारित होगी।
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों से जुड़ी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और देश की सेवा करते रहने की कामना की। मंत्रिपरिषद ने केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों और निर्णयों का उल्लेख करते हुए आवास, नल-जल, स्वच्छता, राशन, स्वास्थ्य तथा स्वच्छ ईंधन जैसी योजनाओं के माध्यम से लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने में केंद्र के योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारी संघवाद के माध्यम से छत्तीसगढ़ को संसाधनों और विकास कार्यों में भागीदारी मिली है। बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं और राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
कैबिनेट के इन फैसलों में विभाग का नाम बदलने, पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती के अवसर उपलब्ध कराने और प्रधानमंत्री के सार्वजनिक कार्यकाल पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित करने जैसे प्रमुख विषय शामिल रहे।
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