RESHAM SAHU / Fri, Jul 10, 2026 / Post views : 16
मध्य प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर सरकारी चावल के कथित दुरुपयोग का मामला चर्चा में है। एक खोजी रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 5 लाख मीट्रिक टन (50 लाख क्विंटल) सरकारी चावल एथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस चावल का बड़ा हिस्सा एथेनॉल बनाने में उपयोग नहीं हुआ, बल्कि दोबारा सरकारी गोदामों तक पहुंच गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस चावल की अनुमानित कीमत करीब 1160 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले को लेकर एथेनॉल उत्पादन प्रक्रिया, निगरानी व्यवस्था और सरकारी सिस्टम पर सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, इस मामले में संबंधित विभागों की आधिकारिक जांच और अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है। यदि जांच में रिपोर्ट के दावों की पुष्टि होती है, तो यह सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना जा सकता है।
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