Simran Mallick / Fri, Aug 21, 2026 / Post views : 7
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण में नए दृष्टिकोण और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया है। गुरुवार को सचिवों के साथ हुई तीसरी उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा, रिसर्च, इनोवेशन और युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच अधिक सहयोग और संवाद की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि व्यापक जुड़ाव से नीति निर्माण में नए और बेहतर विचार सामने आ सकते हैं।
बैठक में प्रधानमंत्री ने सरकारी कामकाज और नीति निर्माण में डेटा तथा AI के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने डेटा को राष्ट्रीय संपत्ति और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संसाधन बताते हुए कहा कि AI का इस्तेमाल करते समय मानवीय समझ और हस्तक्षेप को भी बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में डेटा एकत्र करने और उसके प्रबंधन के तरीकों में बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया।
PM मोदी ने कहा कि सरकार को विश्वविद्यालयों और युवा पीढ़ी के साथ अधिक संवाद स्थापित करना चाहिए। इससे नीति निर्माण में नए विचारों और नवाचार को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को केवल तत्काल समस्याओं और आंकड़ों तक सीमित न रहने, बल्कि लंबी अवधि के दृष्टिकोण से देश के भविष्य की योजना बनाने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री ने अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। खास तौर पर रक्षा क्षेत्र में रिसर्च और इनोवेशन को मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि भारत वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बन सके।
बैठक में भारत के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने को लेकर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने बंदरगाहों के विकास से आगे बढ़कर पोर्ट-आधारित विकास की दिशा में काम करने की जरूरत बताई।
उन्होंने विनिर्माण और निर्यात आधारित इकाइयों को बेहतर तरीके से बंदरगाहों से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि देश की समुद्री अवसंरचना का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से कनिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर व्यक्तिगत और अनौपचारिक संवाद स्थापित करने की अपील की। उन्होंने अलग-अलग कैडर और विभागों के बीच मजबूत नेटवर्क और आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत भी बताई।
बैठक में सचिवों ने विभिन्न प्राथमिकताओं और उनके क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
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