Rashtriya Seva Johar / Fri, Aug 21, 2026 / Post views : 184
नई दिल्ली।
राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित थाना घेराव एवं विरोध प्रदर्शन के दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव विमल साहू को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान डीसीपी कार्यालय के गेट को पार कर अंदर प्रवेश करने के कारण पुलिस ने विमल साहू सहित कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया।
देर रात पुलिस ने विमल साहू एवं अन्य कांग्रेस नेताओं को रिहा कर दिया। रिहाई के बाद विमल साहू ने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकार, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है।
विमल साहू ने कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे आम आदमी के सुख-दुख में मजबूती से खड़े रहने वाले नेता हैं। नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्व के बावजूद वे जनता के हक और अधिकार के लिए सड़क पर संघर्ष करने से पीछे नहीं हटते।

राहुल गांधी FIR दर्ज होने तक थाने में बैठे रहे और पुलिस-प्रशासन पर FIR दर्ज करने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा और तंज कसते हुए कहा, “एक FIR दर्ज करने की अनुमति के लिए भी यदि गृह मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार करना पड़े, तो इससे साफ समझ आता है कि न्याय की प्रक्रिया पर लगाम किसने लगा रखी है।”
विमल साहू ने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए है और यह आवाज किसी भी दबाव के सामने रुकने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता हर उस लड़ाई में मजबूती से खड़े रहेंगे, जहां जनता के अधिकार और न्याय का सवाल होगा।
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