नई दिल्ली: छात्र नेता नेहा बोरा और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके इन दिनों अलग-अलग संगठनों के साथ आंदोलनों में सक्रिय हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर दोनों की तुलना को लेकर चर्चा शुरू हुई। एक सोशल मीडिया पोस्ट में नेहा बोरा को अभिजीत दीपके से ज्यादा प्रतिभाशाली बताते हुए उन्हें Gen Z आइकन कहा गया। इस पोस्ट को अभिजीत दीपके ने रीपोस्ट करते हुए लिखा, “मैं सहमत हूं।”
इसके बाद नेहा बोरा ने तुलना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसे तुलना के बजाय एकजुटता के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने लिखा, “तुलना नहीं, एकजुटता। हम इसके खिलाफ मिलकर लड़ते हैं।” अभिजीत दीपके ने इसके जवाब में “इंकलाब जिंदाबाद” लिखा।

नेहा बोरा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष हैं, जबकि अभिजीत दीपके CJP के संस्थापक हैं। दोनों अलग-अलग संगठनों से जुड़े होने के बावजूद हाल के कुछ प्रदर्शनों में समान मुद्दों पर सक्रिय नजर आए हैं।
जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान दोनों के नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए। बाद में चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी दोनों पक्षों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए गए। 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने नेहा बोरा की तस्वीर शेयर करते हुए उन्हें अभिजीत दीपके से ज्यादा प्रतिभाशाली बताया। पोस्ट में नेहा को Gen Z आइकन भी कहा गया। अभिजीत दीपके ने इस पोस्ट को रीपोस्ट कर अपनी सहमति जताई।
इसके बाद नेहा बोरा ने भी प्रतिक्रिया देते हुए दोनों की तुलना के बजाय एकजुट होकर मुद्दों पर संघर्ष करने की बात कही। इस बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर दोनों युवा नेताओं को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
अभिजीत दीपके पहले डिजिटल राजनीतिक मैसेजिंग और ऑनलाइन कैंपेन से जुड़े रहे हैं। CJP के गठन के बाद उन्होंने छात्र और चुनाव संबंधी मुद्दों पर आंदोलनों का नेतृत्व किया।
हाल में CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में प्रदर्शन किया। दीपके ने घोषणा की है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन किया जाएगा।

नेहा बोरा AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष और JNU में रिसर्च स्कॉलर हैं। जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान वह प्रमुख छात्र नेताओं में शामिल रहीं। इसके बाद भी उन्होंने छात्र अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शनों में भाग लिया।
2 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों में शामिल बताया गया।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई तुलना को लेकर अभिजीत दीपके ने नेहा बोरा को ज्यादा प्रतिभाशाली बताने वाली पोस्ट पर सहमति जताई, जबकि नेहा बोरा ने तुलना की जगह एकजुटता पर जोर दिया।
इस तरह सोशल मीडिया पर दोनों की तुलना की चर्चा के बीच दोनों नेताओं की अपनी प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं, जिसमें नेहा ने साथ मिलकर मुद्दों पर संघर्ष की बात कही और दीपके ने उनके जवाब पर “इंकलाब जिंदाबाद” लिखा।
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