Simran Mallick / Mon, Aug 24, 2026 / Post views : 6
Sawan Somwar Last Monday: सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर अयोध्या के ऐतिहासिक क्षीरेश्वरनाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।
राम मंदिर से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित यह प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष पूजा, अभिषेक और आरती का आयोजन किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, क्षीरेश्वरनाथ महादेव मंदिर की स्थापना अयोध्या के महाराजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति की कामना से की थी। मान्यता है कि पुत्रेष्टि यज्ञ से पहले उन्होंने यहां भगवान शिव की आराधना की थी। इसके बाद उन्हें भगवान श्रीराम सहित चार पुत्रों की प्राप्ति हुई।
इसी धार्मिक मान्यता के चलते सावन के महीने में यहां श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। भक्त भगवान शिव का जल और दूध से अभिषेक कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
मंदिर से जुड़ी मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि भगवान श्रीराम ने इस पवित्र स्थान पर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की थी। यही वजह है कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए क्षीरेश्वरनाथ मंदिर भी विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
सावन के अंतिम सोमवार पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति और धार्मिक वातावरण बना रहा। विशेष अवसरों पर यहां झांकी, भंडारे और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
मंदिर के पुजारी प्रेम नारायण मिश्र के अनुसार, यह मंदिर बेहद प्राचीन है। समय के साथ मंदिर के बाहरी स्वरूप में बदलाव हुआ है, लेकिन यहां स्थापित शिवलिंग के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था आज भी कायम है।
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