Simran Mallick / Mon, Aug 24, 2026 / Post views : 11
Panchak August 2026: रक्षाबंधन का पर्व इस साल 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का यह त्योहार इस बार पंचक की अवधि में पड़ रहा है। ऐसे में लोगों के बीच सवाल है कि क्या पंचक के दौरान भाई की कलाई पर राखी बांधी जा सकती है और इस अवधि में किन कार्यों से बचना चाहिए।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अगस्त 2026 का पंचक 27 अगस्त को दोपहर 1:35 बजे शुरू होगा और 1 सितंबर को सुबह 3:23 बजे समाप्त होगा। यानी रक्षाबंधन पंचक की अवधि के दौरान ही मनाया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान राखी बांधने पर कोई विशेष रोक नहीं मानी जाती है। रक्षाबंधन को पवित्र पर्व माना जाता है और पंचक इसके आयोजन में बाधा नहीं माना जाता। इसलिए बहनें पंचक के दौरान भाई को राखी बांध सकती हैं।
हालांकि, पूजा और राखी बांधने के लिए परिवार की परंपरा के अनुसार शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना उचित माना जाता है।
मान्यता के अनुसार पंचक की शुरुआत यदि मंगलवार या गुरुवार से होती है तो इसे अग्नि पंचक कहा जाता है। इस बार पंचक गुरुवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे अग्नि पंचक माना जा रहा है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक इस दौरान निर्माण कार्य, मशीनरी खरीदने और औजारों से जुड़े कुछ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। इनमें प्रमुख रूप से:
दक्षिण दिशा की यात्रा से बचना।
लकड़ी और ज्वलनशील सामग्री इकट्ठा न करना।
नया पलंग या चारपाई बनवाने से बचना।
घर की छत या लेंटर का नया काम शुरू न करना।
कुछ मान्यताओं में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
हालांकि, पंचक को पूरी तरह अशुभ नहीं माना जाता। पूजा-पाठ, रक्षाबंधन जैसे पर्व और सामान्य दैनिक कार्य किए जा सकते हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं में पंचक पांच नक्षत्रों के संयोग को कहा जाता है। इनमें धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती शामिल हैं।
ध्यान रहे कि पंचक से जुड़े नियम धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। अलग-अलग परंपराओं में इनके पालन के तरीके अलग हो सकते हैं।
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