Simran Mallick / Wed, Sep 23, 2026 / Post views : 8
बिजनेस। देश के कई बड़े शहरों में प्याज की कीमतों में तेजी से आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है। सरकार की ओर से कीमतों पर नियंत्रण के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए प्याज की सप्लाई बढ़ाने और बफर स्टॉक से रियायती दर पर प्याज बेचने की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद कई महानगरों में प्याज के खुदरा भाव ऊंचे बने हुए हैं।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव करीब 53 रुपये प्रति किलो रहा। वहीं मुंबई में यह करीब 58 रुपये, जबकि कोलकाता और चेन्नई में लगभग 60 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया।
22 सितंबर को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 54.2 रुपये प्रति किलो रही। अलग-अलग बाजारों में प्याज की कीमत 29 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति किलो तक दर्ज की गई।
स्थानीय बाजारों में प्याज की कीमत सरकारी औसत से अलग हो सकती है। दिल्ली के कुछ इलाकों में प्याज की गुणवत्ता और बाजार के हिसाब से 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक कीमत बताई जा रही है।
वहीं महाराष्ट्र में औसत कीमत करीब 51.74 रुपये, पश्चिम बंगाल में 55.77 रुपये और उत्तर प्रदेश में करीब 61 रुपये प्रति किलो रही। मणिपुर में प्याज की कीमत 71 रुपये प्रति किलो से अधिक दर्ज की गई।
प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार दिल्ली समेत 50 से ज्यादा शहरों में बफर स्टॉक का प्याज रियायती दर पर बेच रही है। वर्ष 2026 के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक रखा गया है।
NCCF और NAFED जैसी एजेंसियों के जरिए उत्पादक राज्यों से प्याज को खपत वाले शहरों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए रेल परिवहन के साथ सड़क मार्ग का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
हालांकि, सरकारी स्तर पर सप्लाई बढ़ाने और रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराने की कोशिशों के बावजूद कई बड़े शहरों में खुदरा कीमतें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं। इससे आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों पर लोगों की नजर बनी रहेगी।
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