Simran Mallick / Mon, Aug 24, 2026 / Post views : 2
नई दिल्ली: देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल के चलते कई राज्यों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हड़ताल शुक्रवार को प्रस्तावित है और इसके बाद सप्ताहांत की छुट्टियां होने के कारण कुछ जगहों पर बैंकिंग कामकाज लगातार कई दिनों तक प्रभावित रहने की संभावना है।
यूएफबीयू ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में देरी, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI), पेंशन से जुड़े मुद्दों और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन का फैसला लिया है। संगठन ने सरकार और बैंक प्रबंधन से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
यूएफबीयू नौ बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों का शीर्ष मंच है। संगठन के मुताबिक, यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक समाधान नहीं हुआ तो 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।
11 सितंबर 2026 को शुक्रवार है। इसके बाद शनिवार और रविवार को बैंक अवकाश रहेगा। वहीं कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के कारण भी बैंक बंद रह सकते हैं। ऐसे में अलग-अलग राज्यों में बैंकिंग सेवाओं पर कई दिनों तक असर पड़ सकता है।
हालांकि, छुट्टियों की स्थिति राज्य और बैंक के अवकाश कैलेंडर के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है। यूएफबीयू का कहना है कि इस प्रस्ताव पर पहले सहमति बन चुकी है, लेकिन इसे लागू करने में लगातार देरी हो रही है।
संगठन के अनुसार, पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था के बदले सोमवार से शुक्रवार तक काम के घंटों में प्रतिदिन 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था। इसके बावजूद इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लंबित है।
बैंक यूनियनों ने वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के लिए सरकार की प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI) पर भी आपत्ति जताई है। यूएफबीयू का कहना है कि प्रोत्साहन की व्यवस्था बैंक के समग्र प्रदर्शन से जुड़ी होनी चाहिए और अलग-अलग संवर्गों के बीच असमानता नहीं होनी चाहिए।
संगठन ने आरोप लगाया है कि मौजूदा व्यवस्था में अधिकारियों के एक वर्ग को अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिल सकता है।
बैंक कर्मचारी संगठनों की अन्य प्रमुख मांगों में पेंशन का अपडेट, पेंशन व्यवस्था में सुधार, महंगाई भत्ते की समान गणना और एनपीएस के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प देना शामिल है।
यूनियनों का कहना है कि इन मुद्दों पर लंबे समय से बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
यूएफबीयू ने 11 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के अलावा 28 सितंबर से तीन दिन की एक और देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। यह आंदोलन छमाही लेखा बंदी के समय प्रस्तावित है।
संगठन ने यह भी कहा है कि यदि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला भी लिया जा सकता है।
अगर हड़ताल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती है तो बैंक शाखाओं में कैश जमा-निकासी, चेक से जुड़े काम, शाखा स्तर की सेवाएं और अन्य बैंकिंग कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग, UPI और ATM जैसी सेवाएं पूरी तरह बंद होंगी या नहीं, यह संबंधित बैंक और सेवा व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
ग्राहकों को सलाह है कि हड़ताल की तारीख के आसपास जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें और अपने बैंक की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें।
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