Simran Mallick / Tue, Sep 29, 2026 / Post views : 8
रायपुर: भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से जुड़े कथित स्क्रैप चोरी मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने मामले की CBI जांच को मंजूरी देते हुए नोटिफिकेशन जारी किया है। अब CBI इस मामले में पुलिस की अब तक की जांच और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज हासिल कर पूरे प्रकरण की जांच आगे बढ़ाएगी।
दरअसल, 26 मई 2026 को दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना पुलिस को अकलोरडीह-हथखोज क्षेत्र में BSP के चोरी किए गए स्क्रैप के अवैध भंडारण की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर छापा मारकर लौह प्लेट, बीम और कटिंग समेत करीब 250 टन स्क्रैप बरामद किया था। इसके बाद पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 277/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
ट्रकों में छिपाकर बाहर निकालने का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक, कथित गिरोह फ्लू डस्ट ले जाने वाले ट्रकों में स्क्रैप छिपाकर उसे BSP परिसर से बाहर निकालता था। इसके बाद स्क्रैप को अलग-अलग गोदामों में जमा कर बेचने या खपाने का आरोप है। जांच के दौरान ट्रांसपोर्टर, ड्राइवर, लोडर, स्क्रैप कारोबारी और BSP के कुछ कर्मचारियों की कथित भूमिका सामने आई।
पुलिस ने जुलाई तक मामले में 19 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। इसके बाद रायपुर पावर एंड स्टील से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ भी चोरी का स्क्रैप खरीदकर खपाने के आरोप में कार्रवाई की गई। वहीं, BSP की आंतरिक जांच के बाद तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया था।
करीब 250 टन स्क्रैप की जांच
यह मामला महज कुछ किलो स्क्रैप की चोरी तक सीमित नहीं है। पुलिस के अनुसार, करीब 250 टन स्क्रैप को परिवहन व्यवस्था की आड़ में बाहर निकालने और आगे बेचने वाले कथित नेटवर्क की जांच की जा रही है।
अब राज्य सरकार से CBI जांच की मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय एजेंसी पुलिस से अब तक की जांच से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड ले सकती है। इसके बाद CBI मामले में अलग से जांच आगे बढ़ाएगी। जांच के दौरान कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
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