Rashtriya Seva Johar / Thu, Jul 30, 2026 / Post views : 7
बलौदाबाजार-भाटापारा।
बलौदाबाजार-भाटापारा क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर ग्रामीण अंचलों की मूलभूत सुविधाओं की पोल खोल दी है। ग्राम तुरमा, खैरा, अमलडीहा एवं हरदी का मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। हरदी बांध और खैरा बांध पर बाढ़ का पानी ऊपर से बहने के कारण इन चारों गांवों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। स्थिति ऐसी बन गई है कि न तो ग्रामीण गांव से बाहर निकल पा रहे हैं और न ही बाहरी लोग गांवों तक पहुंच पा रहे हैं।
बाढ़ के कारण सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उठानी पड़ रही है। यदि किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़े तो ग्रामीणों के सामने कोई सुरक्षित विकल्प उपलब्ध नहीं है। वहीं, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और किसान अपनी कृषि उपज तथा आवश्यक सामग्री का परिवहन नहीं कर पा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बन जाती है। वर्षों से स्थायी पुल की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बारिश शुरू होते ही चारों गांव लगभग टापू जैसी स्थिति में पहुंच जाते हैं और लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य अंजलि साहू ने मौके की जानकारी लेते हुए राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि हजारों ग्रामीणों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
अंजलि साहू ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को विस्तृत आवेदन भेजा जा रहा है। आवेदन में हरदी बांध एवं खैरा बांध पर मजबूत एवं उच्चस्तरीय आरसीसी पुलों के निर्माण की मांग की गई है, ताकि वर्षभर निर्बाध और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि दोनों स्थानों पर पुल बनने से केवल तुरमा, खैरा, अमलडीहा और हरदी ही नहीं, बल्कि आसपास के अनेक गांवों के हजारों ग्रामीणों को भी सीधा लाभ मिलेगा। आपातकालीन सेवाओं, शिक्षा, कृषि, व्यापार तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी और हर वर्ष बाढ़ के दौरान होने वाली परेशानियों से स्थायी राहत मिलेगी।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी राज्य सरकार से मांग की है कि इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि आने वाले वर्षों में किसी भी बारिश के दौरान गांवों का संपर्क न टूटे और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
Tags :
Latest news
भारी बारिश और बाढ़
Yatayat sadhan dhvasth
Gavon ki Sarkar se phool ki mang
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
Jila Panchayat sadasya Anjali Sahu
विज्ञापन
विज्ञापन