Simran Mallick / Thu, Aug 20, 2026 / Post views : 5
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों की व्यवस्थाओं और अन्य समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षण संस्थानों से जुड़ी समस्याओं का जल्द और समयबद्ध तरीके से समाधान कराया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर और उन्नाव समेत कई जिलों में छात्रों की ओर से स्कूलों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किए जाने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि व्यवस्थाओं की कमी के कारण छात्रों को आंदोलन के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।
शिक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये अधिकारी जिलों और स्कूलों से संबंधित समस्याओं की निगरानी करेंगे और उनके समाधान की स्थिति पर रिपोर्ट भी रखेंगे।
मुख्य सचिव ने बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में साफ-सफाई, जलभराव और अवस्थापना सुविधाओं को लेकर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर टीमें गठित करने और बारिश के दौरान स्कूलों में जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान कराने को कहा गया है।
स्कूलों में पेयजल, बिजली उपकरण, किचन शेड और पठन-पाठन की व्यवस्था का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को पाठ्य-पुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूता-मोजा और स्कूली बैग के लिए निर्धारित राशि समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति पर भी सख्ती बरतने तथा स्कूल प्रबंधन समितियों को सक्रिय रखने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि स्कूलों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और छात्रों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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