Simran Mallick / Mon, Sep 14, 2026 / Post views : 44
नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना गया है। हर शुभ कार्य से पहले गणपति की पूजा करने की परंपरा है। इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को मनाया जा रहा है। ऐसे में श्रद्धालु गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापना और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं।
गणेश चतुर्थी तिथि कब से कब तक?
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:07 बजे से शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। इस दौरान ब्रह्म और इंद्र योग के साथ चित्रा और स्वाति नक्षत्र का संयोग बताया गया है।
गणेश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापना और पूजा के लिए मध्याह्न काल को विशेष शुभ माना जाता है। उपलब्ध पंचांग जानकारी के अनुसार 14 सितंबर को गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:03 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक रहेगा।
इसी अवधि में श्रद्धालु विधि-विधान के साथ गणपति बप्पा की स्थापना कर पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
गणेश चतुर्थी पर रहेगा भद्रा का साया
इस साल गणेश चतुर्थी पर भद्रा का समय भी बताया गया है। भद्रा 14 सितंबर की शाम 7:22 बजे से शुरू होकर 15 सितंबर की सुबह 7:45 बजे तक रहेगी। ऐसे में गणपति प्रतिमा की स्थापना 14 सितंबर को भद्रा शुरू होने से पहले शुभ मुहूर्त में करना उचित रहेगा।
गणपति स्थापना और पूजा की सरल विधि
सबसे पहले पूजा स्थल को साफ करके चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। इसके बाद शुभ मुहूर्त में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित करें। भगवान गणेश को जल, अक्षत, दूर्वा, फूल और मोदक अर्पित करें। धूप-दीप जलाकर गणेश जी की पूजा करें और गणेश मंत्रों का जाप करें। अंत में भगवान गणेश की आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
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