Simran Mallick / Tue, Sep 15, 2026 / Post views : 1
भोपाल। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर है। मध्यप्रदेश सरकार ने फसल उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया तय कर दी है। किसानों के लिए पंजीयन प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील की है।
सरकार के मुताबिक किसानों को पंजीयन कराने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रदेशभर में 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही पंजीयन प्रक्रिया को पहले की तुलना में आसान और सुविधाजनक बनाया गया है।
इन जगहों पर नि:शुल्क होगा पंजीयन
किसान अपना पंजीयन ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में बनाए गए सुविधा केंद्रों पर नि:शुल्क करा सकेंगे। इसके अलावा सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
इन केंद्रों पर देना होगा शुल्क
किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन करा सकते हैं। इन केंद्रों पर एक पंजीयन के लिए अधिकतम 50 रुपये शुल्क लिया जा सकेगा।
पंजीयन के दौरान किसान के भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्रों का परीक्षण किया जाएगा। संबंधित दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य होगा।
सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए अलग व्यवस्था
सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति और सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध होगी। इन श्रेणियों में आने वाले किसानों का राजस्व विभाग द्वारा 100 प्रतिशत सत्यापन किया जाएगा।
फसल का भुगतान आधार लिंक बैंक खाते में
समर्थन मूल्य पर बेची गई उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। यदि किसी कारण से आधार लिंक खाते में भुगतान संभव नहीं होता है, तो पंजीयन के दौरान उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में राशि भेजी जा सकेगी।
पंजीयन के समय किसानों को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड उपलब्ध कराना होगा। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त खाते तथा फिनो, एयरटेल और पेटीएम जैसे खाते पंजीयन के लिए मान्य नहीं होंगे।
सरकार ने किसानों से अपना आधार नंबर, बैंक खाता और मोबाइल नंबर आपस में लिंक और अपडेट रखने की अपील की है, ताकि पंजीयन और भुगतान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
आधार वेरिफिकेशन जरूरी
किसान पंजीयन कराने और समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। यह सत्यापन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकेगा।
किसान का पंजीयन तभी मान्य होगा जब भू-अभिलेख के खाते और खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। नाम में अंतर होने पर तहसील कार्यालय के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के बाद ही पंजीयन मान्य किया जाएगा।
किसानों को SMS से मिलेगी जानकारी
सरकार ने अधिकारियों को पिछले रबी और खरीफ सीजन में पंजीयन कराने वाले किसानों, जिनके मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें SMS के माध्यम से पंजीयन की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर जानकारी प्रदर्शित करने, गांव में मुनादी कराने और समिति व मंडी स्तर पर बैनर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार ने संबंधित अधिकारियों को किसान पंजीयन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
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