Simran Mallick / Thu, Aug 27, 2026 / Post views : 2
यह बदलाव 26 अगस्त 2026 को Meta और अमेरिका के 29 राज्यों के बीच हुए 16.7 अरब डॉलर (करीब 1.59 लाख करोड़ रुपये) के कानूनी समझौते के बाद सामने आया है। फिलहाल ये नियम अमेरिका तक सीमित हैं और पूरी दुनिया में लागू नहीं किए गए हैं।
इस मामले में Meta पर आरोप लगाए गए थे कि Facebook और Instagram के इस्तेमाल से बच्चों और टीनेजर्स के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और कंपनी ने इससे जुड़े संभावित नुकसान की जानकारी पर्याप्त रूप से सामने नहीं रखी।
इसके अलावा कंपनी पर बच्चों के व्यक्तिगत डेटा के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, इन आरोपों और समझौते को रिपोर्ट करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि कानूनी समझौता अपने आप में सभी आरोपों को अदालत द्वारा साबित किया जाना नहीं माना जाता।
नए उपायों में बच्चों और टीनेजर्स के सोशल मीडिया इस्तेमाल के समय को सीमित करने पर जोर दिया गया है।
इसके तहत:
नाइटटाइम ब्लॉक: रात के निर्धारित समय में सोशल मीडिया ऐप्स का इस्तेमाल रोका जा सकेगा।
डेली यूज लिमिट: टीनेजर्स के लिए रोजाना ऐप इस्तेमाल की सीमा तय करने की व्यवस्था होगी।
उम्र की जांच: कम उम्र के बच्चों को प्लेटफॉर्म से दूर रखने के लिए एज-वेरिफिकेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
पैरेंटल कंट्रोल: माता-पिता को बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों और इस्तेमाल के समय पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा।
इन बदलावों को लेकर सबसे अहम बात यह है कि ये नियम फिलहाल अमेरिका में लागू किए जा रहे हैं। भारत समेत दूसरे देशों में Facebook और Instagram इस्तेमाल करने वाले बच्चों पर इन नियमों के लागू होने की जानकारी नहीं है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की सुरक्षा और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर दुनियाभर में बहस तेज हो रही है। ऐसे में अमेरिका में Meta के खिलाफ हुए इस समझौते को बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
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