Simran Mallick / Sat, Oct 10, 2026 / Post views : 43
नई दिल्ली : कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
पार्टी ने सुबह 10 बजे से दिन समाप्त होने तक प्रदर्शन करने की सूचना दी थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति के लिए आवेदन नहीं किया गया था। ऐसे में पार्टी के प्रस्तावित कार्यक्रम को मंजूरी नहीं दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने क्यों नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति?
दिल्ली पुलिस के जिला उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, पार्टी ने प्रदर्शन के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन नहीं किया था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि पार्टी की ओर से भेजा गया पत्र प्रदर्शन की सूचना मात्र था, न कि नियमानुसार अनुमति के लिए किया गया आवेदन।
पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति प्राप्त करने के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना आवश्यक है। इसी प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने के कारण अनुमति देने से इनकार किया गया।
पहले भी नियमों के उल्लंघन का आरोप
पुलिस ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में पार्टी को प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान निर्धारित शर्तों का उल्लंघन हुआ था। पुलिस के मुताबिक, तय समय समाप्त होने के बाद भी प्रदर्शन जारी रखा गया था, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में परेशानी हुई।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से संबंधित दिशा-निर्देश दिल्ली हाईकोर्ट के 23 जुलाई 2018 के आदेश और संबंधित न्यायिक निर्देशों के अनुरूप बनाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन आयोजित करने वाले सभी पक्षों को इन नियमों का पालन करना जरूरी है।
अब कैसे प्रदर्शन करेगी CJP?
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी में पुलिस ने जंतर-मंतर पर किसी भी प्रदर्शन को अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही है। हालांकि, अनुमति नहीं मिलने के बाद पार्टी किस वैकल्पिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगी, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से किसी भी अनधिकृत जमावड़े में शामिल होने से बचने की अपील की है। ऐसे में प्रदर्शन से संबंधित किसी भी आगे की कार्रवाई के लिए पार्टी और प्रशासन की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखना जरूरी होगा।
दिल्ली में 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 25,000 जवानों को तैनात किया गया है। जंतर-मंतर के अलावा दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को लेकर पाबंदियां लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। यात्रियों को यात्रा से पहले मेट्रो की आधिकारिक एडवाइजरी देखने की सलाह दी जाती है।
जनपथ-कर्तव्य पथ के आसपास इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर 24 घंटे का प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक लागू रहने की जानकारी दी गई है।
आदेश के तहत एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया, जियो और MTNL सहित संबंधित दूरसंचार कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं।
क्या है प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा?
CJP और विपक्षी दल कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विरोध दर्ज कराने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन प्रस्तावित था।
फिलहाल, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति अस्वीकृत होने के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। प्रदर्शन की अगली रणनीति और प्रशासन के आगामी निर्देशों पर सबकी नजर बनी हुई है।
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