Simran Mallick / Tue, Oct 13, 2026 / Post views : 43
नई दिल्ली। रिलायंस जियो के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर शेयर बाजार में चर्चा तेज हो गई है। दिए गए विवरण के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस आधार पर कंपनी का इक्विटी वैल्यूएशन लगभग 9.8 लाख करोड़ से 10.3 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। अब निवेशकों की नजर आईपीओ की बोली प्रक्रिया और शेयरों की संभावित लिस्टिंग पर है।
प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। यानी नए शेयर जारी करके जुटाई गई रकम कंपनी को मिलेगी। अपर प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी करीब 30,200 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
इस राशि का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के साथ-साथ 5G नेटवर्क के विस्तार, डेटा सेंटर स्थापित करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तकनीक विकसित करने में किया जा सकता है। इन योजनाओं का उद्देश्य कंपनी की डिजिटल सेवाओं और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आईपीओ के लिए बोली प्रक्रिया 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। वहीं, शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की बात कही गई है। हालांकि, निवेश से पहले निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक आईपीओ दस्तावेजों में तारीखों और अन्य शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए।
करीब 30,200 करोड़ रुपये का प्रस्तावित इश्यू आकार इसे भारत के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल कर सकता है। तुलना के लिए, हुंडई मोटर इंडिया का आईपीओ लगभग 27,858.75 करोड़ रुपये का था। जियो के आईपीओ को बाजार से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है और लिस्टिंग के दिन शेयर का प्रदर्शन कैसा रहता है, इस पर निवेशकों की नजर रहेगी।
आईपीओ का प्राइस बैंड या कंपनी का बड़ा मूल्यांकन अपने आप में मुनाफे की गारंटी नहीं है। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं, जोखिमों और आधिकारिक दस्तावेजों का अध्ययन करना जरूरी है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है और पूंजी का नुकसान भी हो सकता है। यह खबर केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।
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