Simran Mallick / Fri, Sep 18, 2026 / Post views : 7
रायपुर: विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने, शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र बनाने और असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री साय ने सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ उन श्रमिकों तक भी पहुंचे, जिनके श्रम से विकास की नींव तैयार होती है।
श्रमिकों के लिए तीन बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने शहरों में रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों पर श्रमिकों के बैठने की व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके साथ ही पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है। इसका उद्देश्य काम के लिए रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के आवागमन को आसान बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना है।
वहीं, असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए मिलने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है।
1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को 51 करोड़ से ज्यादा की सहायता
महासम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों की 26 योजनाओं के तहत डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि अंतरित की।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है।
श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी प्रतिभावान बच्चे के सपनों में बाधा नहीं बननी चाहिए। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के तहत लाभ लेने वाले बच्चों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवार की प्रतिभाशाली बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और 1.75 लाख रुपये का चेक भी प्रदान किया। मनिंदर ने जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर एनआईटी सूरत में प्रवेश हासिल किया है। उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।
100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा की चाबी
‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ के तहत मुख्यमंत्री ने 100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी। उन्होंने ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराने से उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने हितग्राही यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में सवारी भी की।
डिजिटल तकनीक से आसान होंगी श्रमिक योजनाएं
महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने नवीन उपकर कटौती वेबसाइट का शुभारंभ किया और पीवीसी एवं क्यूआर कोड युक्त नए श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से श्रमिकों के पंजीयन और योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वरोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाना है।
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